आरक्षण पर महासंग्राम: विवेक तन्खा बोले- सरकार ने अदालत में नहीं रखे पुख्ता आंकड़े, तो राकेश सिंह बोले- कांग्रेस के पापों का परिणाम है ओबीसी का यह हाल
17 October 2026 • 11:26 am

मध्य प्रदेश की सियासत में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर से उबाल पर आ गया है। इस गरमागरम माहौल के बीच जबलपुर पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सरकार के पक्ष पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके तुरंत बाद बीजेपी के कद्दावर नेता और मंत्री राकेश सिंह ने भी तीखा पलटवार किया है।
न्यायालय में आंकड़े पेश करने में चूकी सरकार: तन्खा
एक दिवसीय प्रवास पर जबलपुर आए विवेक तन्खा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब उनकी पार्टी की सरकार थी, तब अध्यादेश लाकर आरक्षण का दायरा 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी किया गया था। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के तहत उसे कोर्ट में सही ढंग से डिफेंड करने की पूरी जिम्मेदारी उस समय सत्ता में आई भाजपा सरकार की थी। तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पचास फीसदी की सीमा पार करने के लिए ठोस और मात्रात्मक आंकड़े (क्वांटिफायबल डेटा) देना अनिवार्य होता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हाईकोर्ट के ताजा फैसले से यह साफ झलकता है कि शासन पक्ष अदालत के सामने पुख्ता तथ्य और दस्तावेज रखने में नाकाम साबित हुआ। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि सरकार का सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) दाखिल करना एक सही कदम है, क्योंकि कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ने का अधिकार और संसाधन सरकार के पास ही होते हैं।
बीजेपी का जोरदार पलटवार, कांग्रेस पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
कांग्रेस नेता के इन बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि ओबीसी आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह करने का काम कांग्रेस ने किया है। मंत्री सिंह ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश से यह बात पूरी तरह शीशे की तरह साफ हो गई है कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान जो कानून या विधेयक जल्दबाजी में बनाए गए थे, उनमें कानूनी रूप से भारी खामियां थीं। यही वजह है कि आज अदालत में वे टिक नहीं पाए। उन्होंने दो टूक कहा कि वर्तमान सरकार समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने के लिए पूरी ईमानदारी से जुटी हुई है, जबकि कांग्रेस सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगी है।

