पुलिस स्मृति दिवस पर दमोह में 154 अमर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, मंत्री-सांसद समेत तमाम गणमान्य लोगों ने किया नमन
21 October 2026 • 10:13 am

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुलिस लाइन परिसर के भीतर बुधवार की सुबह 'पुलिस स्मृति दिवस' के अवसर पर एक अत्यंत गरिमामयी, प्रेरणादायी और भावुक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर देश और समाज की रक्षा के लिए अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 154 अमर पुलिस जवानों और सुरक्षाकर्मियों को नम आंखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अतिथियों और अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों की अद्वितीय देशभक्ति और उनके अदम्य साहस को याद किया।
मंत्री, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों की रही विशेष उपस्थिति
इस पावन और राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, स्थानीय सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक एवं पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव पटेल, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक (एसपी) आनंद कलादगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी गणमान्य अतिथियों ने एक-एक कर शहीद स्मारक पर पहुंचकर उन तमाम वीर सपूतों को नमन किया, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश और कानून की रक्षा में अपने प्राण गंवा दिए।
21 अक्टूबर के दिन क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हर साल 21 अक्टूबर का दिन 'पुलिस स्मृति दिवस' के रूप में पूरी राष्ट्रीय भावना के साथ मनाया जाता है। इतिहास के पन्नों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि इसी दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी घुसपैठियों से मुकाबला करते हुए हमारे वीर पुलिस जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहादत दी थी। तभी से देश के सभी राज्यों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा उन तमाम अमर जवानों की स्मृति में यह दिन मनाया जाता है, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा, शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस वर्ष दमोह में कुल 154 शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
शहीद परिवारों और पूर्व कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर समाधान का दिया भरोसा
मुख्य श्रद्धांजलि समारोह और परेड संपन्न होने के बाद एक विशेष संवाद कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के तमाम सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों, वीर शहीदों के परिजनों और सेवारत पुलिस कर्मचारियों ने खुलकर अपनी विभिन्न समस्याओं और कठिनाइयों से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बहुत ही संवेदनशील और आत्मीय तरीके से एक-एक कर सभी की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उनके त्वरित तथा संतोषजनक समाधान का पूर्ण भरोसा दिलाया। इस पहल से पुलिस परिवार के सदस्यों में काफी संतोष और अपनापन देखने को मिला।

