दमोह में विजयादशमी पर बड़ा प्रशासनिक विवाद: देवी विसर्जन के दौरान नगर पालिका सीएमओ के साथ दुर्गा उत्सव समिति के लोगों ने की मारपीट, जातिसूचक गालियां देकर किया अपमानित
21 October 2026 • 10:01 am

मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद शर्मनाक, सनसनीखेज और प्रशासनिक व्यवस्था को हिला देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। जिले में विजयादशमी के पावन पर्व पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा और नियमों का पालन कराने गए नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) पर एक दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों और उपद्रवियों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने सीएमओ के साथ सरेआम अभद्रता और मारपीट की, उन्हें धक्का देते हुए पंडाल तक ले गए और जातिसूचक अपशब्द कहकर उनका अपमान किया। इस घटना के बाद से प्रशासनिक अमले और नगर पालिका कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते सफाई कर्मचारियों ने तुरंत प्रभाव से हड़ताल की घोषणा कर दी है, जिससे शहर की व्यवस्था चरमराने लगी है।

बैरिकेड उखाड़ने और जोखिम भरे रास्ते से विसर्जन की जिद पर हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों और नगर पालिका के कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दशहरे के दिन जब शहर में देवी विसर्जन का चल समारोह और अनुष्ठान चल रहा था, तब स्टेशन क्षेत्र की एक दुर्गा उत्सव समिति के लोग निर्धारित नियमों के विपरीत अपनी मनमानी करने पर उतारू थे। नगर पालिका सीएमओ और मैदानी कर्मचारियों का स्पष्ट कहना था कि उक्त समिति के लोग जानबूझकर सुरक्षा व्यवस्था को बिगाड़ना चाह रहे थे और एक ऐसे नए व जोखिम भरे रास्ते से घाट पर प्रवेश कर रहे थे, जहां बड़ा हादसा हो सकता था।
जब सीएमओ और प्रशासनिक टीम ने उन्हें ऐसा करने से रोका और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया, तो समिति के लोग भड़क उठे। आरोप है कि स्थानीय भाजपा नेता सतीश तिवारी की शह पर उपद्रवियों ने मौके पर लगाए गए बैरिकेड्स उखाड़ फेंकने शुरू कर दिए। जब इस अवैध और जोखिम भरे कृत्य का पुरजोर विरोध किया गया, तो आरोपियों नेॉ अपना आपा खो दिया और सीएमओ पर हमला बोल दिया।
जान बचाने के लिए भागे सीएमओ को भीड़ ने पंडाल में घेरा
विवाद इतना बढ़ा कि समिति से जुड़े लोगों ने सीएमओ के साथ हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी। अपनी जान बचाने के लिए जब सीएमओ वहां से भागकर एक पंडाल की तरफ पहुंचे, तो उत्तेजित भीड़ ने उन्हें वहां भी चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान उन्हें छोटी जाति का कहकर अपमानित किया गया और सरेआम गंदी-गंदी गालियां दी गईं। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, सफाई और जल व्यवस्था ठप करने की चेतावनी
इस हाई-प्रोफाइल घटना के विरोध में नगर पालिका के सभी अधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर लामबंद हो गए हैं। दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर आज सैकड़ों कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट का रुख किया और जिला प्रशासन को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारी संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक सीएमओ के साथ मारपीट करने वाले मुख्य आरोपी भाजपा नेता सतीश तिवारी और उनके साथियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक नगर की संपूर्ण सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई, तो गुरुवार से शहर की जल आपूर्ति (पानी सप्लाई) से जुड़े कर्मचारी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे आम जनता की परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश और आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुट गई है।

