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मध्यप्रदेश • 2 days ago Breaking

जबलपुर में खाकी हुई दागदार: शाहपुरा थाने में नो-एंट्री के दौरान टीआई और आरक्षक के बीच विवाद, मारपीट में हवलदार का दांत टूटा, बाद में पीड़ित पर ही गिरी निलंबन की गाज

20 October 2026 • 06:11 am

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के शाहपुरा थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ ड्यूटी के दौरान नो-एंट्री के नियमों को लेकर एक थाना प्रभारी (टी.आई.) और पुलिस विभाग के ही प्रधान आरक्षक के बीच खूनी संघर्ष जैसी स्थिति बन गई थी। घायल हवलदार ने टी.आई. और उनके साथियों पर बेरहमी से पिटाई करने, दांत तोड़ने और वर्दी फाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। हैरानी की बात यह है कि एस.पी. ऑफिस में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे इस पीड़ित आरक्षक को ही अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

नो-एंट्री पॉइंट पर वाहनों की लंबी कतार और विवाद की शुरुआत

मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शाहपुरा इलाके में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर नो-एंट्री पॉइंट पर बैरिकेड लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। ग्वालियर में हुई एक घटना के बाद अधिकारियों के निर्देश थे कि रात एक बजे से पहले किसी भी भारी वाहन या ट्रक को शहर के अंदर प्रवेश न दिया जाए। इस ड्यूटी पर प्रधान आरक्षक लखन निषाद को तैनात किया गया था। रात करीब साढ़े बारह बजे तक सड़क पर कई ट्रकों और टैंकरों की लंबी कतार लग चुकी थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक, जिसके वाहन में पूजा का समान और अन्य सामग्री लदी थी, बार-बार जल्दबाजी दिखाते हुए आगे जाने की जिद करने लगा। जब आरक्षक ने एस.डी.एम. और टी.आई. के आदेशों का हवाला देते हुए वाहन निकालने से इनकार किया, तो बात और बढ़ गई।

फोन पर बहस के बाद टी.आई. ने की कथित मारपीट

भीड़ और ड्राइवरों के दबाव के कारण आरक्षक लखन ने चालक को टी.आई. प्रवीण कुमार धुर्वे का मोबाइल नंबर दे दिया ताकि वह उनसे अनुमति ले सके। जब चालक ने टी.आई. को फोन किया और पूछा कि नंबर किसने दिया है, तो टी.आई. ने गुस्से में आकर प्रधान आरक्षक को फोन पर ही लताड़ लगाई। आरोप है कि कुछ ही देर बाद टी.आई. प्रवीण धुर्वे अपने ड्राइवर राहुल गुप्ता और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गुस्से में मौके पर आ धमके।

लखन निषाद का आरोप है कि टी.आई. ने उन्हें अपमानित करते हुए गाली-गलौज की और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो थाना स्टाफ ने उनके हाथ पकड़ लिए। इसके बाद उनके सिर और नाक पर गंभीर प्रहार किए गए, जिससे उनके होंठ फट गए और एक दांत टूट गया। बीच-बचाव के बाद घायल अवस्था में जब वे अपनी गाड़ी लेने शाहपुरा थाना पहुंचे, तो साथी पुलिसकर्मियों ने डर के मारे उन्हें अंदर नहीं आने दिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां हाथ में फ्रैक्चर और गंभीर चोटों का इलाज चल रहा है।

टी.आई. का पक्ष और आगामी जांच की स्थिति

दूसरी ओर, आरोपी थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे ने अपने ऊपर लगे सभी मारपीट के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उनका कहना है कि आरक्षक अपनी ड्यूटी के दौरान नियमों का पालन कराने के बजाय वाहनों को जल्दबाजी में निकालने का दबाव बना रहा था, जिस पर केवल उसे समझाइश दी गई थी, कोई मारपीट नहीं की गई।

मामला जब तूल पकड़कर उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी ने बताया कि शाहपुरा क्षेत्र में रात के वक्त अनुशासनहीनता बरतने के मामले को गंभीरता से लेते हुए घायल प्रधान आरक्षक लखन निषाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी एस.डी.ओ.पी. पाटन को सौंप दी गई है। एक पुलिसकर्मी द्वारा अपने ही विभाग के अधिकारी पर लगाए गए इस गंभीर आरोप के बाद महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।