मध्य प्रदेश के अनूपपुर में खौफनाक हत्याकांड: मानसिक विक्षिप्त युवक ने मां, नाना-नानी और ममेरी बहन को मौत के घाट उतारा
4 October 2026 • 07:39 am

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। करनपठार थाना क्षेत्र के अमोदा गांव में शनिवार को एक युवक ने अपने ही परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने अपनी मां, नाना, नानी और 5 साल की ममेरी बहन की लाठी-डंडों और पत्थरों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने अपने नाना की आंखें तक फोड़ दीं। इस अमानवीय घटना में परिवार के तीन अन्य सदस्यों सहित कुल 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
मृतकों और घायलों का विवरण
मृतक:
संपत सिंह गोंड (75 वर्ष): आरोपी के नाना
भन्नी बाई गोंड (70 वर्ष): आरोपी की नानी
अनूपिया बाई (50 वर्ष): आरोपी की मां
मोनिका (5 वर्ष): आरोपी की ममेरी बहन (इलाज के दौरान मौत)
घायल:
चैन सिंह (आरोपी के मामा): हाथ में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट
भारती (2 वर्ष): हालत नाजुक, शहडोल मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती
चंचल (8 वर्ष): गंभीर रूप से घायल
गंगाराम (पुजारी): शनि मंदिर के पुजारी, लाठी के हमले से लहूलुहान, जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती
घटनाक्रम: रात में पुजारी पर किया था हमला
वारदात की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 11 बजे हुई। आरोपी प्रेम सिंह गोंड अमोदा गांव की बस्ती से करीब 1 किलोमीटर दूर नाला पार कर शनि मंदिर पहुंचा। वहां उसने डिंडौरी निवासी पुजारी गंगाराम पर अचानक लाठी से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे पुजारी बेहोश हो गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को रस्सी से बांध दिया और पुजारी को इलाज के लिए जबलपुर भेज दिया।
ममता बनी काल: मां ने खोली रस्सी, बेटे ने ली जान
शनिवार सुबह आरोपी के मामा चैन सिंह मवेशी चराने जंगल गए हुए थे। इसी दौरान, आरोपी की मां अनूपिया बाई ने दया दिखाते हुए अपने बेटे के हाथ-पैर की रस्सी खोल दी। बंधन मुक्त होते ही प्रेम सिंह सीधे घर पहुंचा और आंगन में मौजूद परिवार पर पत्थर और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने सबसे पहले नाना-नानी और मां के सिर व हाथ-पैर पर वार किए, उसके बाद मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा।

बड़ी बेटी की सूचना पर पहुंचे मामा, उन पर भी किया वार
हमले के दौरान परिवार की बड़ी बेटी किसी तरह जान बचाकर जंगल की ओर भागी और मामा चैन सिंह को घटना की जानकारी दी। चैन सिंह जब तक ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे, आरोपी उन पर भी टूट पड़ा। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद आरोपी को दोबारा रस्सियों से बांधा। तब तक संपत सिंह, भन्नी बाई और अनूपिया दम तोड़ चुके थे, जबकि मोनिका की अस्पताल में मौत हो गई।
आरोपी की मानसिक स्थिति और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मामा चैन सिंह के अनुसार, आरोपी प्रेम सिंह उमरिया जिले के नौरोजाबाद स्थित मरदरी गांव का रहने वाला है। उसके पिता का पांच साल पहले निधन हो चुका है। प्रेम सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। उसकी हिंसक प्रवृत्तियों के कारण तीन साल पहले उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। आरोपी की मां खराब स्वास्थ्य के चलते एक हफ्ते पहले ही इलाज के लिए मायके (अमोदा गांव) आई थी, जबकि आरोपी तीन दिन पहले ही यहां पहुंचा था।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही करनपठार थाना पुलिस और पुष्पराजगढ़ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में बेनीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और शवों का पंचनामा कर फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

