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राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन में सत्य, निर्भीकता और समाजहित की पत्रकारिता पर जोर

1 October 2026 • 02:21 pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 30 सितंबर को पहली बार राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन का आयोजन श्री अग्रसेन धाम में किया गया। छत्तीसगढ़ सकल दिगंबर जैन समाज, रायपुर द्वारा जैन पत्रकार महासंघ के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में जैन पत्रकार, संपादक और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए।

चातुर्मासरत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री आगम सागर जी, मुनि श्री पुनीत सागर जी, ऐलक श्री धैर्य सागर जी एवं ऐलक श्री स्वागत सागर जी के आशीर्वाद से आयोजित सम्मेलन में ‘जैन धर्म एवं जैन आयतनों के संरक्षण एवं संवर्धन में पत्रकारिता की भूमिका’ विषय पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने पत्रकारिता, धर्म, समाज, संस्कृति तथा धार्मिक स्थलों और संस्थाओं के संरक्षण में मीडिया की भूमिका पर अपने विचार रखे।

सत्य कहने और लिखने के लिए निर्भय होना जरूरी : मुनि श्री आगम सागर जी

मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ने पत्रकारिता में सत्य और निर्भीकता को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सत्य वही व्यक्ति कह और लिख सकता है, जिसके हृदय में किसी प्रकार का भय न हो। पत्रकार को परिस्थितियां कैसी भी हों, सत्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सत्य की विजय में समय लग सकता है, लेकिन अंततः सत्य ही सामने आता है। यदि किसी परिस्थिति में सत्य कहना संभव न हो तो मौन रहना उचित है, लेकिन किसी भी स्थिति में भ्रम फैलाने से बचना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से सत्य के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करने और अपनी लेखनी का उपयोग समाज के हित में करने का आह्वान किया।

ऐसी खबरें लिखें जिनसे समाज का कल्याण हो : मुनि श्री पुनीत सागर जी

मुनि श्री पुनीत सागर जी महाराज ने पत्रकारों से ‘जियो और जीने दो’ के सिद्धांत को पत्रकारिता में भी अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाचार ऐसा होना चाहिए जिससे समाज और जीवमात्र का कल्याण हो। खबरों और शब्दों का चयन करते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि उनसे अनावश्यक रूप से किसी के हृदय को ठेस न पहुंचे।

उन्होंने कहा कि हिंसा अथवा वैमनस्य को बढ़ाने के स्थान पर पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और सद्भाव का वातावरण तैयार किया जाना चाहिए।

जनगणना में अपनी धार्मिक पहचान ‘जैन’ दर्ज कराएं : निधि जैन

सम्मेलन के दौरान जैन समाज की जनसंख्या और धार्मिक पहचान का विषय भी प्रमुखता से उठा। आचरण मीडिया समूह की प्रबंध संपादक श्रीमती निधि जैन ने अपने उद्बोधन में जैन समाज की घटती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना के दौरान प्रत्येक जैन परिवार को विशेष जागरूकता रखने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि जनगणना के धार्मिक पहचान संबंधी कॉलम में सबसे पहले स्पष्ट रूप से ‘जैन’ दर्ज कराएं, ताकि देश में जैन समाज की वास्तविक जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आ सके।

सम्मेलन में वक्ताओं ने बताया कि पूर्व की जनगणना में जैन समाज की आबादी लगभग 44 लाख दर्ज हुई थी, जबकि समाज के अनेक लोगों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। इसी के चलते जनगणना 2027 को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

पत्रकारिता की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी : सुनील जैन

पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए पत्रकारिता में निर्भीकता और स्वतंत्रता के महत्व पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि एक समय पत्रकारिता को निष्पक्षता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति का मजबूत माध्यम माना जाता था। वर्तमान परिवेश में मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के पत्रकारों और मीडिया जगत को ऐसी पत्रकारिता की परंपरा को मजबूत करने की आवश्यकता है, जिसमें सत्य, निष्पक्षता और जनहित सर्वोपरि रहें।

उन्होंने पत्रकारों से बिना भय और दबाव के जनहित से जुड़े विषयों को सामने लाने तथा पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया।

पत्रकारिता समाज को दिशा देने वाला माध्यम

भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. बलदेव राज गुप्ता ने कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज भी मीडिया समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माता-पिता और गुरु जीवन में व्यक्ति को सही दिशा देते हैं, उसी प्रकार पत्रकार और संपादक भी समाज को सही जानकारी और दृष्टिकोण देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने पत्रकारिता को सत्य के दर्शन कराने वाला माध्यम बताते हुए पत्रकारों से अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आग्रह किया।

देशभर के पत्रकारों को मिला संवाद का साझा मंच

सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे पत्रकारों के बीच जैन समाज से संबंधित विषयों, धार्मिक स्थलों और संस्थाओं के संरक्षण, सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने तथा मीडिया के माध्यम से सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यक्रम में प्रकाश मोदी, प्रदीप कुमार जैन, संदीप लुहारिया, क्षितिज जैन, सौरभ जैन, गौरव अकलतरा, जैन पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष रमेश तिजारिया, महामंत्री उदयभान जैन, बुंदेलखंड क्षेत्र संयोजक भरत सेठ, निधि जैन, सुनील जैन, नवीन जैन सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पत्रकार एवं समाजजन उपस्थित रहे।

आयोजकों ने कहा कि राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन का उद्देश्य देशभर के जैन पत्रकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और पत्रकारिता के माध्यम से धर्म, संस्कृति तथा समाजहित से जुड़े विषयों को मजबूती के साथ सामने लाना है। सम्मेलन का समापन पत्रकारिता में सत्य, निर्भीकता, सकारात्मकता और समाजहित को सर्वोपरि रखने के संदेश के साथ हुआ।