Aacharan News
दमोह• 19 days ago Breaking

दमोह में गौ हत्या पर बवाल: कसाई मंडी में गर्भवती गाय को काटा, नवजात भ्रूण बोरे में मिला; आक्रोशित भीड़ ने किया चक्काजाम

3 October 2026 • 12:31 pm

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह शहर में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब कसाई मंडी क्षेत्र में खुलेआम गौ हत्या किए जाने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलते ही निस्वार्थ गौ सेवा समिति और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि तुरंत मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं के अनुसार, घटनास्थल पर चार से अधिक गोवंश की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। कसाइयों की दरिंदगी का आलम यह था कि उन्होंने गर्भवती गाय तक को नहीं छोड़ा और उसके नवजात भ्रूण को बोरे में भरकर बेचने की फिराक में थे। गौ सेवकों के पहुंचते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की भनक लगते ही कोतवाली थाना प्रभारी (TI) मनीष कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि, इस नृशंस घटना से आक्रोशित सैकड़ों हिंदू युवा शहर के मुख्य घंटाघर चौराहे पर एकत्रित हो गए। युवाओं ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया और विरोध स्वरूप हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।

आक्रोश बढ़ता देख जब प्रदर्शनकारियों ने कसाई मंडी की ओर कूच करने का प्रयास किया, तो पुराने थाने के सामने भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और गौ भक्तों के बीच तीखी नोकझोंक और कहासुनी भी हुई। बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया। वहीं कसाई मंडी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासन की ढिलाई पर उठे सवाल, माहौल तनावपूर्ण

इस घटना ने दमोह में गोवंश संरक्षण के दावों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रियंक कानूनगो ने जताई नाराजगी

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के पूर्व अध्यक्ष एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रियंक कानूनगो ने भी इस घटना पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए दमोह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और अपना कड़ा आक्रोश जाहिर किया।