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सागर• about 1 month ago

जहरीली शराब का कहर: 10 पीड़ितों को ताउम्र अंधेपन का खतरा

14 September 2026 • 10:54 pm

सागर। जहरीली शराब कांड के डरावने नतीजे अब सामने आने लगे हैं। मौत के मुंह से बचकर निकले पीड़ितों पर अब ताउम्र की अंधेपन का खतरा मंडरा रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती 10 ऐसे मरीज हैं, जिनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह जा चुकी है। डॉक्टरों की मानें तो यदि अगले एक महीने के भीतर इनके आई विजन में सुधार नहीं हुआ, तो ये जीवनभर के लिए देखने की क्षमता खो देंगे।

शराब पीने के कुछ घंटे बाद धुंधला दिखने लगा

बीएमसी के वार्ड नंबर 12 में भर्ती 33 वर्षीय संतोष सिंह बताते हैं कि 4 सितंबर को गांव में शराब पीने के बाद अचानक धुंधला दिखने लगा था। सात दिन बीत जाने के बाद भी उनकी आंखों में कोई सुधार नहीं है। संतोष की तरह ही भर्ती मरीज सुनील, दुर्गेश और गोविंद की भी हालत गंभीर हैं। अस्पताल में कुल 10 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 4 की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

ऑप्टिक नर्व में आई सूजन नहीं हो रही कम

बीएमसी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण खरे ने बताया कि जहरीली शराब में मौजूद घातक मेथनॉल सीधे आंखों की ऑप्टिक नर्व पर हमला करता है। इससे नर्व में आई भारी सूजन के कारण मरीज का विजन चला जाता है। जहरीली शराब से प्रभावित होकर आए 20 में से 10 मरीज तो ठीक हो चुके हैं, लेकिन बाकी 10 मरीजों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। यदि 1 से 2 महीने में इनकी रिकवरी नहीं होती है, तो इनका अंधापन स्थायी हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस भीषण घटना में अब तक 38 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक आंकड़े मौतों की संख्या 18 बता रहे हैं। वर्तमान में बीएमसी में कुल 14 लोग भर्ती हैं जिनमें से 8 आईसीयू में और बाकी सामान्य वार्ड में हैं। बीएमसी के रिकॉर्ड के अनुसार घटना के बाद से करीब 150 लोगों का उपचार किया गया। इनमें से 11 लोगों की मौत हो गई।