मध्यप्रदेश: कांग्रेस 10 नवंबर से निकालेगी 23 हजार किलोमीटर की पदयात्रा, 'म.प्र मांगे हिसाब' अभियान शुरू
9 October 2026 • 02:30 am

मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार को घेरने के लिमध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार को घेरने के लिए एक बड़े जन-आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है। आगामी 10 नवंबर से पूरे प्रदेश भर में 'मध्य प्रदेश मांगे हिसाब' नाम से एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी। इस अभियान के तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लगभग 23 हजार किलोमीटर की लंबी पदयात्रा करेंगे, जो राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी।ए एक बड़े जन-आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है। आगामी 10 नवंबर से पूरे प्रदेश भर में 'मध्य प्रदेश मांगे हिसाब' नाम से एक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी। इस अभियान के तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लगभग 23 हजार किलोमीटर की लंबी पदयात्रा करेंगे, जो राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी।
इस विशाल पदयात्रा को सफल बनाने और इसके सुचारू संचालन के लिए कांग्रेस संगठन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने इस बड़े अभियान के लिए पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। पदयात्रा का रूट तय करने, जनसभाओं के लिए स्थान का चयन करने और स्थानीय स्तर पर अन्य सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए 21 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है।

पार्टी द्वारा बनाई गई ये 21 समितियां अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में भीड़ जुटाने और यात्रा प्रबंधन का पूरा काम देखेंगी। हालांकि, इन समितियों को यात्रा की पूर्व निर्धारित तारीख या उसके मुख्य ढांचे में किसी भी तरह का बदलाव करने का अधिकार नहीं दिया गया है। कांग्रेस इस पदयात्रा के माध्यम से जमीनी स्तर पर जाकर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश करेगी।
इस पदयात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित पार्टी के तमाम दिग्गज नेता अलग-अलग चरणों में शामिल होंगे। कांग्रेस इस यात्रा के जरिए राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध, किसानों की ज्वलंत समस्याओं और युवाओं में फैल रही बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों को उठाकर सरकार से सीधा जवाब मांगेगी। पदयात्रा के दौरान जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं और जनसंवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक आम मतदाताओं से जुड़ सकें और अपनी बात पहुंचा
सकें।

