जरूआखेड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना: 14 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के बाद गर्भवती बनाने का मामला आया सामने, हालत गंभीर होने पर सागर से भोपाल रेफर
18 October 2026 • 11:02 am

मध्य प्रदेश के सागर जिले के अंतर्गत आने वाले जरूआखेड़ा क्षेत्र से एक बेहद झकझोर देने वाली और शर्मसार करने वाली घटना प्रकाश में आई है। यहाँ एक 20 वर्षीय युवक द्वारा चौदह वर्षीय नाबालिग को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी द्वारा किशोरी को गर्भवती करने के बाद उसे अपने घर पर लाकर रखा गया था।
प्रसव के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुआ खुलासा
घटना के कुछ महीनों बाद जब सात माह की गर्भवती नाबालिग की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ी, तब उसे एक आशा कार्यकर्ता की सहायता से जरूआखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहाँ उपचार और प्रसव के दौरान एक मृत बच्ची का जन्म हुआ। किशोरी की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत सागर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
प्रशासनिक लापरवाही और गोपनीयता पर उठे सवाल
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि नाबालिग की डिलीवरी होने और मृत नवजात के जन्म की बात सामने आने के बावजूद, स्थानीय अस्पताल प्रशासन और संबंधित आशा कार्यकर्ता द्वारा समय पर पुलिस को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। सभी को मामले की जानकारी होने के बावजूद किसी ने भी शुरुआत में इस संवेदनशील प्रकरण को संज्ञान में नहीं लिया।
जब पीड़िता को सागर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और डॉक्टरों द्वारा दस्तावेजों की जांच की गई, तब आधार कार्ड के आधार पर लड़की की उम्र मात्र चौदह वर्ष होने की पुष्टि हुई। उम्र की यह सच्चाई सामने आते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए औपचारिक रूप से अपराध पंजीबद्ध किया।
पोस्टमार्टम और पुलिस कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सागर की अनुमति ली गई। इसके बाद नरयावली नायब तहसीलदार, स्थानीय थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के वास्ते सागर भेजा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में नरयावली थाना प्रभारी प्रतिभा मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म और अन्य संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों को भी शामिल किया है तथा फिलहाल पूरे मामले की गहनता से विवेचना की जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों की शुरुआती स्तर पर बरती गई लापरवाही के बिंदुओं पर भी जांच के दायरे में रखे जाने की चर्चा है।

