लगभग 150 साल बाद बुंदेलखंड में गूंजी चीतों की दहाड़, सीएम मोहन यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में रिलीज किए दो चीते
8 October 2026 • 06:32 am

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के लिए 7 अक्टूबर 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के नौरादेही क्षेत्र स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को रिलीज किया। इसी के साथ बुंदेलखंड का नाम विश्व के वन्यजीव संरक्षण मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है। लगभग 150 साल बाद बुंदेलखंड की धरती पर चीतों की वापसी हुई है। कूनो नेशनल पार्क और गांधीसागर अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश का तीसरा चीता आवास बन गया है।
चीता विमुक्ति कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विधानसभा रेहली के मोहाली हेलीपेड पहुंचे थे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हेलीपेड पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राहुल लोधी, रेहली विधायक गोपाल भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने किया चीतों का नामकरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिजर्व में नर और मादा चीते को विमुक्त किया। उन्होंने नर चीता (पूर्व नाम थोलो) का नाम 'व्योम' और मादा चीता (पूर्व नाम सीसीबी-3) का नाम 'नीरा' रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प से शुरू हुआ चीता पुनर्स्थापना अभियान आज मध्य प्रदेश में सफलता के नए आयाम गढ़ रहा है। यह पहला रिजर्व होगा जहां टाइगर और चीते एक साथ मौजूद होंगे। उन्होंने बताया कि अगले महीने दो और चीते यहां लाए जाएंगे, जिससे चीतों का कुनबा बढ़ेगा।
जियो और जीने दो' की तर्ज पर संरक्षण और रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यप्राणियों के संरक्षण के साथ ही 'जियो और जीने दो' की भावना के तहत ग्रामीणों की आजीविका का ध्यान रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि अभयारण्यों में जंगल सफारी और पर्यटन से होने वाली आय में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। बफर जोन के गांवों में 'होम स्टे' को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके लिए सरकार 2 से 3 लाख रुपये तक का अनुदान भी दे रही है। साथ ही, दूध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

वन्यजीवों के लिए अनुकूल है मध्य प्रदेश
सीएम ने बताया कि मध्य प्रदेश में टाइगर की संख्या देश में सर्वाधिक है और यह प्रदेश गिद्ध, घड़ियाल और जलीय जीवों के संरक्षण में भी अग्रणी है। चीता एक शांत और शर्मीला प्राणी है, जिसका मानव के साथ संघर्ष सामान्यतः नहीं होता।
जनप्रतिनिधियों ने रखीं विकास की मांगें
कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इसे बुंदेलखंड के इतिहास का नया अध्याय बताया। सांसद राहुल लोधी ने पर्यटन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए स्थानीय युवाओं के लिए गाइड प्रशिक्षण केंद्र और भाषा प्रशिक्षण शुरू करने की मांग रखी। वहीं, विधायक गोपाल भार्गव ने क्षेत्र में विस्थापन, पुनर्वास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
12 वन अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान
वन्यप्राणी सप्ताह के अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण, प्रबंधन और निगरानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 वन अधिकारियों और कर्मचारियों को 'वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया। इस दौरान गिद्ध संख्या आकलन, वन्यजीव संरक्षण तथा 'हमार वहीडीटीआर' और 'बाघिन दीदी' पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया। सीएम ने 'चीता मित्र' और 'बाघिन दीदी' से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से सागर विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, कमिश्नर दिलीप कुमार, आईजी इरशाद वली, कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया सहित कई
अधिकारी उपस्थित रहे।

