सागर: 25 साल की परंपरा टूटी, JNPA के आदेश के बाद दादा दरबार से हटानी पड़ी देवी प्रतिमा
12 October 2026 • 06:31 am

सागर के दादा दरबार मंदिर परिसर में पिछले 25 वर्षों से लगातार चली आ रही देवी प्रतिमा स्थापना की परंपरा इस बार टूट गई है। जेएनपीए (JNPA) प्रशासन के एक सख्त आदेश के कारण भक्तों को स्थापना से ठीक पहले माता की प्रतिमा को दादा दरबार परिसर से हटाना पड़ा।
रात 9 बजे के बाद कार्यक्रम पर रोक
आयोजकों के अनुसार, दादा दरबार मंदिर जेएनपीए के अंतर्गत आता है। इस वर्ष भी माता की स्थापना की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और प्रतिमा को मंदिर परिसर में बने पंडाल में रख दिया गया था। रात में जब विधि-विधान से स्थापना की तैयारी चल रही थी, तभी समिति को जेएनपीए की ओर से सूचना दी गई कि रात 9 बजे के बाद मंदिर परिसर में कोई कार्यक्रम नहीं होगा और मंदिर बंद करना पड़ेगा। जेएनपीए ने इसके पीछे रात 9 बजे के बाद चोरियों का खतरा होने का तर्क दिया। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अगले साल से देवी स्थापना की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भक्तों में आक्रोश, पार्क में की गई स्थापना
जेएनपीए के इस आदेश के बाद भक्तों में भारी आक्रोश फैल गया। भक्त कपिल स्वामी ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि रात में ही भक्त सपरिवार माता के दर्शन करने आते हैं और रात 8:30 बजे तो दादा दरबार में भगवान की आरती ही होती है। प्रशासन से कोई सुनवाई न होने और आमने-सामने की स्थिति से बचने के लिए, आयोजकों ने माता की प्रतिमा को दादा दरबार मंदिर से हटा लिया। बाद में माता की प्रतिमा की स्थापना दूसरे स्थान पर चंद्रमौलेश्वर के पास स्थित पार्क में की गई।

