Aacharan News
राजनीति • 2 days ago Breaking

मध्य प्रदेश में कांग्रेस का आक्रामक रुख: मतदाता सूची में गड़बड़ी और 'वोट चोरी' के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाने का ऐलान

20 October 2026 • 08:23 am

मध्य प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की एक बड़ी और राजनीतिक हलचल तेज करने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने आंदोलन को और अधिक आक्रामक और तेज करने का बड़ा फैसला किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के दो महीने के बहुप्रचारित 'वोट बचाओ-देश बचाओ' अभियान के तहत प्रदेश, जिला और ब्लॉक इकाइयों के लिए व्यापक कार्यक्रम तय किए गए हैं। इसी रणनीति के तहत आज दशहरे के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले दहन कर कड़ा विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है।

ब्लॉक स्तर पर रैलियां, संविधान पाठ और पुतला दहन

पार्टी के तय कार्यक्रम के अनुसार, दशहरे के दिन आयोजित होने वाली सार्वजनिक सभाओं और जनसंपर्क अभियानों के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा फ्रंटल संगठनों के स्वयंसेवकों द्वारा आम जनता के बीच 'वोट चोरी' के आरोपों से जुड़ी जानकारी वाले पर्चे बांटे जाएंगे। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर व्यापक पदयात्राएं, साइकिल रैलियां और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी।

दशहरे के तुरंत बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां महात्मा गांधी या डॉ. बी.आर. आम्बेडकर की प्रतिमाओं के पास से मार्च शुरू कर एस.डी.एम. कार्यालय अथवा स्थानीय प्रशासनिक मुख्यालयों तक पहुंचेंगी। इस मार्च के समापन स्थल पर सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर संविधान के अनुच्छेद 326 का सामूहिक पाठ करेंगे, राष्ट्रगान गाएंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर अपना पुरजोर विरोध प्रकट करेंगे। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि पारंपरिक रूप से मनाए जाने वाले रावण दहन की जगह सीधे पुतला जलाने का कोई निर्देश नहीं है, बल्कि पुतला दहन को ब्लॉक स्तर के विरोध मार्च और समापन कार्यक्रम के साथ जोड़ा गया है।

गांव-गांव चौपाल और 'वोट बचाओ-देश बचाओ' अभियान

आंदोलन के अगले चरण में कांग्रेस पार्टी 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक 'वोट बचाओ-देश बचाओ चौपाल' अभियान का संचालन करेगी। इस अभियान के शुरुआती दिन प्रदेश और जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ प्रदेश कांग्रेस नेताओं तथा जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में विशेष पत्रकार वार्ताएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद जिला स्तर पर कार्यकर्ता समन्वय बैठकें तथा ब्लॉक स्तर पर बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी।

इस अभियान के तहत बूथ लेवल एजेंट्स घर-घर जाकर मतदाता सूचियों का सूक्ष्म सत्यापन करेंगे। जिन मतदाताओं के नाम कथित तौर पर सूची से हटाए गए हैं या जिनकी प्रविष्टियों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हेरफेर की आशंका है, उन सभी की प्रामाणिक जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद सत्यापित रिकॉर्ड और मतदाता डोजियर संबंधित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालयों में जमा किए जाएंगे। इसके पश्चात गांवों में चारपाइयों के आसपास 'चौपाल' लगाकर विशेष सभाएं की जाएंगी, जिनमें प्रभावित मतदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों, बुजुर्गों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों को शामिल कर मतदाता सूची से जुड़े गंभीर मुद्दों पर खुली चर्चा की जाएगी। इन चौपालों में भी संविधान के अनुच्छेद 326 का पाठ, राष्ट्रगान और व्यापक स्तर पर पर्चा वितरण का कार्य किया जाएगा।

नवंबर में मेगा रैलियां और 'दिल्ली चलो' का महाअभियान

आंदोलन के अंतिम और निर्णायक चरणों के तहत 1 नवंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के आपसी समन्वय से एक विशाल मेगा राष्ट्रीय रैली का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय रैली में देश भर से सांसदों, विधायकों, प्रदेश व जिला कांग्रेस पदाधिकारियों, फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों तथा जमीनी कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी का विशेष आह्वान किया गया है।

इसके बाद, अभियान के अंतिम पड़ाव पर 25 और 26 नवंबर को संविधान दिवस के पावन अवसर पर भव्य 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा तैयार किए गए विशेष रोडमैप के मुताबिक, सहारनपुर, जयपुर, अलीगढ़/मेरठ, देहरादून, चंडीगढ़ और ग्वालियर सहित देश के छह प्रमुख मार्गों से जत्थों और यात्राओं के दिल्ली पहुंचने की योजना तय की गई है। मध्य प्रदेश के सभी जिलों और संभागों के कार्यकर्ता 25 नवंबर को सबसे पहले ग्वालियर में एकजुट होंगे और उसके ठीक अगले दिन यानी 26 नवंबर को वाहनों के लंबे काफिले के साथ दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इन सभी यात्राओं के लिए प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस इकाइयों को अपने वाहनों, यात्रियों तथा रूट कैप्टन का पूरा विवरण केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को अनिवार्य रूप से सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आंदोलन के इन सभी चरणों की 24 घंटे लगातार निगरानी और गहन समीक्षा के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कनेक्ट सेंटर और विशेष केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को इसकी पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।