मध्य प्रदेश: 27 पटवारी बर्खास्त, फिर भी काम पर नहीं लौट रहे कर्मचारी; एक 'दस्तखत' पर फंसा पेंच
9 October 2026 • 03:30 am

मध्य प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए अब तक 27 पटवारियों को बर्खास्त कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। इस पूरे विवाद में अब मुख्य पेंच एक 'दस्तखत' (लिखित सहमति या अंडरटेकिंग) पर आकर फंस गया है।
एक दस्तखत से पटवारियों को क्या है डर?
दरअसल, सरकार की तरफ से निर्देश हैं कि जो पटवारी काम पर लौटें, वे एक शपथ पत्र या अंडरटेकिंग पर दस्तखत करें। पटवारियों के मन में यह सवाल और डर है कि आखिर इस एक दस्तखत से ऐसा क्या हो जाएगा? कर्मचारियों को आशंका है कि इस लिखित अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करने के बाद उनके विरोध प्रदर्शन के अधिकार छिन जाएंगे और भविष्य में प्रशासन उन पर पूरी तरह से हावी हो जाएगा। इसी डर और असमंजस के कारण पटवारी दस्तखत करने से पीछे हट रहे हैं।

सरकार ने क्यों अपनाया इतना कड़ा रुख?
पटवारियों की लंबी हड़ताल के कारण प्रदेश भर में राजस्व, जमीन का नामांतरण, बंटवारा, और जाति/आय प्रमाण पत्र जैसे आम जनता से जुड़े जरूरी काम पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। तहसीलों में काम रुकने से जनता को हो रही भारी परेशानी को देखते हुए सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन का साफ संदेश है कि ब्लैकमेलिंग या काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, इसीलिए दबाव बनाने के लिए 27 बर्खास्तगियों जैसी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

फिलहाल, स्थिति यह है कि न तो सरकार पीछे हटने के मूड में दिख रही है और न ही पटवारी अंडरटेकिंग देने को तैयार हैं। प्रशासन और कर्मचारियों की इस खींचतान का सीधा खामियाजा प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़
रहा है।

