इंदौर के रानीपुरा अग्निकांड की जांच तेज: 6 अहम सवालों पर टिकी तफ्तीश, घनी आबादी में पटाखा गोदामों पर उठे सवाल
9 October 2026 • 02:39 am

त्योहारी सीजन से ठीक पहले इंदौर के भीड़भाड़ वाले रानीपुरा इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। पटाखा दुकान और गोदाम में लगी इस भयानक आग के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने घनी आबादी और व्यावसायिक क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थों के अवैध भंडारण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बड़े हादसे के बाद अब पूरी प्रशासनिक जांच 6 मुख्य सवालों पर टिक गई है। प्रशासन मुख्य रूप से यह पता लगाने में जुटा है कि क्या रहवासी और घनी आबादी वाले इलाके में पटाखों के गोदाम की अनुमति थी? क्या दुकान में आग बुझाने (फायर सेफ्टी) के पर्याप्त इंतजाम थे? इसके अलावा लाइसेंस की वैधता, अवैध रूप से पटाखों के भंडारण और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर चेकिंग न करने की लापरवाही की भी गहन जांच की जा रही है।

अग्निकांड के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रानीपुरा जैसे सघन इलाकों में पटाखा दुकानों के संचालन की अनुमति और सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। शहर भर में पटाखा दुकानों और गोदामों की सघन चेकिंग का अभियान शुरू कर दिया गया है।
अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि जहां भी बिना लाइसेंस या तय सीमा से अधिक पटाखों का अवैध भंडारण मिलेगा, वहां सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी। दिवाली का त्योहार नजदीक होने के कारण बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है, ऐसे में प्रशासन का पूरा जोर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने
पर है।

