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मध्यप्रदेश • 6 days ago Breaking

छिंदवाड़ा में बीजेपी को तगड़ा झटका: रिकॉर्ड वोटों से जीतने वाले जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने छोड़ी पार्टी

16 October 2026 • 02:38 pm

मध्य प्रदेश की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब छिंदवाड़ा जिले में बीजेपी को एक बड़ा झटका लगा। यहां जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ सभी पदों से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हाल ही में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उन्होंने एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया था, जिसके बाद पार्टी संगठन के साथ उनकी दूरियां बढ़ गईं और आखिरकार उन्होंने भगवा पार्टी का साथ छोड़ने का बड़ा फैसला ले लिया।

बस स्टैंड पर विशाल सभा के बाद गरमाई सियासत

सूत्रों और मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही अमित सक्सेना ने स्थानीय किसानों के मुद्दों को लेकर शहर के मुख्य बस स्टैंड पर एक भारी-भरकम आमसभा का आयोजन किया था। इस प्रदर्शन के बाद वे सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे और शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। उनके इस ज्ञापन में छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने, चौसरा में प्रस्तावित न्यूक्लियर प्लांट के काम पर रोक लगाने, किसानों को उनकी जमीनों का चार गुना मुआवजा दिलाने और खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए ट्यूबवेल व कुओं की व्यवस्था करने जैसी गंभीर मांगें शामिल थीं।

कारण बताओ नोटिस और तीखे तेवर

किसानों के पक्ष में उतरे अमित सक्सेना के इस तेवर से जिला संगठन नाराज हो गया, जिसके चलते भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने उन्हें तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। हालांकि, नोटिस मिलने के बाद भी सक्सेना के तेवर नरम नहीं पड़े। आंदोलन के दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया था कि वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और किसानों की लड़ाई के लिए अगर उन्हें पार्टी से बाहर भी होना पड़े, तो वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

कांग्रेस छोड़कर आए थे बीजेपी में

राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि अमित सक्सेना जिला पंचायत सदस्य का चुनाव रिकॉर्ड करीब 22 हजार वोटों के भारी अंतर से जीतकर आए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान ही उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। लेकिन अब किसानों के मुद्दे पर हुए इस पूरे घटनाक्रम और इस्तीफे के बाद से जिले की राजनीति में हलचल बेहद तेज हो गई है। फिलहाल सक्सेना के अगले राजनीतिक कदम को लेकर संशय बना हुआ है।