दिल्ली: CJP नेताओं का बड़ा आरोप- 'हमें फ्लाइट से किडनैप किया गया, सरकार अपने ही लोगों से लड़ रही जंग
11 October 2026 • 09:38 am

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन भी भारी विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच CJP (सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस) के नेताओं—आशुतोष सेंगर, अभिजीत दीपके और सौरव दास—ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें फ्लाइट से उतारकर 'किडनैप' कर लिया गया था।
CJP नेताओं को करीब 23 घंटे की हिरासत में रखने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा कर दिया गया। अभिजीत दीपके की दादी के निधन के कारण उन्हें तुरंत महाराष्ट्र के लिए रवाना होना पड़ा।
'देश में 1975 जैसी इमरजेंसी के हालात'
रिहाई के बाद CJP नेता सौरव दास ने कहा कि देश में 1975 जैसी इमरजेंसी के हालात पैदा हो गए हैं और सरकार अपने ही लोगों से जंग लड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दिल्ली को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है और प्रदर्शनकारियों की गलत छवि पेश की जा रही है। दास ने यह भी दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए पूरे देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है, जबकि आरएसएस (RSS) भी ज्ञानेश कुमार को हटाने के पक्ष में है।
छात्र संगठनों पर पुलिस एक्शन और मारपीट का आरोप
कनॉट प्लेस और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे SFI, AISA समेत अन्य छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। SFI कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मारपीट करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। CJP नेता दाना सिंह ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई के आदेश किसने दिए थे?
पुलिस पर अमानवीय व्यवहार का आरोप
CJP नेता आशुतोष सेंगर ने पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पुलिस अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की दुखद खबर देने आई, तो पुलिसकर्मी हंस और मजाक कर रहे थे। दीपके के बार-बार मिन्नतें करने के बावजूद पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी, जो पुलिस के अमानवीय चेहरे को
दर्शाता है।

