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मध्यप्रदेश • 8 days ago Breaking

आईआरसीटीसी (IRCTC) की तर्ज पर एमपी सरकार ला रही नया मोबाइल ऐप; टिकट न देने वाले कंडक्टरों पर होगी कार्रवाई, प्रदेश में खुलेंगे 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर।

14 October 2026 • 08:43 am

मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के तहत रेलवे के आईआरसीटीसी (IRCTC) की तर्ज पर एक मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है, जिससे यात्री घर बैठे अपने मोबाइल से बसों के टिकट बुक कर सकेंगे। योजना के पहले चरण की शुरुआत भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी (ISBT) से करने की तैयारी है।

ऐप से बुकिंग और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा

मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MP-YPIL) द्वारा यह मोबाइल ऐप तैयार कराया जा रहा है। इसके जरिए यात्री बस का रूट, बोर्डिंग पॉइंट और गंतव्य चुनकर टिकट बुक कर सकेंगे। टिकट की राशि सीधे बस ऑपरेटर के खाते में जाएगी, जिस पर मामूली 'कन्विनियंस फीस' लग सकती है। हालांकि, अभी ऐप का आधिकारिक नाम और डाउनलोड लिंक जारी नहीं हुआ है, इसलिए विभाग ने यात्रियों को फिलहाल किसी भी अनधिकृत लिंक या ऐप से बचने की सलाह दी है। ऐप से जुड़ी रिफंड, कैंसिलेशन और अन्य विस्तृत गाइडलाइन भी लॉन्चिंग के समय ही स्पष्ट की जाएगी।

टिकट न देने वाले कंडक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई

इस नई व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा गया है। योजना में शामिल सभी निजी बसों में जीपीएस (GPS) और कैमरा सिस्टम चालू रखना अनिवार्य होगा, जिससे बसों की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, किराया लेने के बाद भी टिकट नहीं देने वाले बस कंडक्टरों के खिलाफ केस दर्ज करने और जुर्माने का सख्त प्रावधान किया जा रहा है। वहीं, बिना टिकट सफर करते पकड़े जाने पर यात्रियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।

हादसे रोकने के लिए खुलेंगे 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर

सड़क हादसों पर लगाम लगाने और चालकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए सरकार प्रदेश में 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने जा रही है। इनमें से भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, छतरपुर और बैतूल में पांच रीजनल ड्राइविंग सेंटर्स की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि 11 अन्य केंद्रों के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जा चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश के इंदौर और छिंदवाड़ा में ही ड्राइविंग एंड ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट संचालित हो रहे हैं।