खजुराहो: 'प्राण चले जाएं लेकिन धर्म नहीं छोड़ना', पं. धीरेंद्र शास्त्री की रथयात्रा पर JCB से बरसे फूल
11 October 2026 • 09:50 am

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 3.0' बागेश्वर धाम में राष्ट्रगान के बाद तिरंगा फहराकर शुरू हो गई है और अब यह बमीठा से आगे बढ़ गई है। इस यात्रा में सबसे आगे बालाजी का रथ है, उसके बाद पंडित शास्त्री का रथ और फिर उनके पीछे समर्थकों के वाहनों का भारी हुजूम चल रहा है। बागेश्वर धाम से निकली इस रथयात्रा पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने बुलडोजर (JCB) पर खड़े होकर जमकर फूल बरसाए।
'प्राण चले जाएं, धर्म नहीं छोड़ना'
इस मौके पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने समर्थकों और हिंदुओं से अपील करते हुए कहा, "हमारी आप लोगों से हाथ जोड़कर एक ही प्रार्थना है कि सनातनी परंपरा से जुड़े रहना है। चाहे जितने विरोधी आएं, प्राण चले जाएं तो भी धर्म नहीं छोड़ना है।"

संत राजूदास का तीखा प्रहार
यात्रा में शामिल हुए हनुमान गढ़ी के संत राजूदास महाराज ने भी विरोधियों पर कड़े बयान दिए। उन्होंने कहा, "मैं पंडोखर सरकार से निवेदन करता हूं कि यात्रा का विरोध करना सही नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दामोदर यादव, दामोदर यादव नहीं बल्कि 'दामोदरुद्दीन' हैं और उनके डीएनए में गड़बड़ी है।
यात्रा के दौरान दिलाए जाएंगे ये 7 प्रमुख संकल्प:
पंडित धीरेंद्र शास्त्री इस यात्रा के दौरान लोगों को निम्नलिखित संकल्प दिलाएंगे:
* प्रत्येक हिंदू को एकजुट करना यानी हिंदू एकता।
* भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कराना।
* जातिवाद और छुआछूत का खात्मा कराना।
* गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना।
* अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाना।
* हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों की मुक्ति और संरक्षण।
* आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म के संस्कारों से जोड़ना।

